http://www.shubhstore.com 9826736999
 
   
About us

वो दौर 1950 का था , जब माणकलाल और मिश्रीमल गेलड़ा दोनों भाई रतलाम के चौराहो व स्टेशन पैर खोमचा (फेरी) लगाकर सेव बेचते थे । गेलड़ा सेव के नाम से बिकने वाली इस सेव का स्वाद तत्कालीन राजा-महाराजाओ ने भी चखा है । परिवार की बुजुर्ग कमलाबाई और सुशीला बाई के अनुसार दिन भर सेव बेचने के बाद जब शाम को उनके पति घर आते थे , तब वापसी में वे परिवार के भोजन के लिए थोड़ा आटा, बेसन व गिलास भर कर घी खरीद कर लाते थे । हर रोज यही क्रम चलता था । उस समय उनकी सेव 2 पैसे की 100 ग्राम मिलती थी । कुछ सालो तक फेरी लगाकर सेव बेचने के बाद इन दोनों भाइयो ने थावरिया बाजार में एक किराए की दूकान लेकर वहा से अपना व्यवसाय शुरू किया |

  Gelda namkeen bhandar  
 
 
     
 

Today next generation of Gelda Family has taken the business to new level with the same quality & taste of their products.

Maintaining the Original Ratlami taste of the product in a Competitive Namkeen Market. All the raw materials are purchased through a selected list of suppliers and are processed & packed in a hygienic condition to ensure the best quality of the products.